उंधियू: गुजराती सर्दियों की शान – श्रीस्वादिका मसालों के साथ पारंपरिक रेसिपी
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| उंधियू (Undhiyu) |
भारत के हर राज्य की अपनी एक खास थाली होती है, और गुजरात की बात हो तो उंधियू (Undhiyu) का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह एक जटिल लेकिन बेहद स्वादिष्ट गुजराती सब्ज़ी है, जो खासतौर पर सर्दियों के मौसम में बनाई जाती है। हरी सब्ज़ियों, मसालों और पारंपरिक पकाने की विधि का ऐसा संगम बहुत कम व्यंजनों में देखने को मिलता है। जब इस पारंपरिक रेसिपी में ‘श्रीस्वादिका’ के शुद्ध और खुशबूदार मसाले मिल जाते हैं, तो उंधियू का स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है।
उंधियू क्या है?
उंधियू एक मिक्स वेजिटेबल डिश है, जिसमें सर्दियों में मिलने वाली खास सब्ज़ियाँ जैसे सुरती पापड़ी, बैंगन, आलू, शकरकंद, कच्चा केला, मुठिया और हरी तुवर शामिल होती हैं। इसका नाम “उंधियू” गुजराती शब्द “उंधू” से आया है, जिसका अर्थ है उल्टा। पारंपरिक तौर पर इसे मिट्टी के बर्तन में जमीन के अंदर उल्टा रखकर पकाया जाता था।
उंधियू की खासियत-
यह व्यंजन पोषण से भरपूर होता है
हर सब्ज़ी का अलग स्वाद, लेकिन मसालों से बना एकसाथ परफेक्ट मेल
सर्दियों में शरीर को गर्माहट देने वाला
त्योहारों, खासकर उत्तरायण (मकर संक्रांति) पर अनिवार्य व्यंजन
उंधियू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री-
सब्ज़ियाँ:
छोटे बैंगन – 6
आलू – 3
शकरकंद – 1
कच्चा केला – 1
सुरती पापड़ी – 1 कप
हरी तुवर – ½ कप
मुठिया के लिए:
मेथी के पत्ते – 1 कप (कटे हुए)
बेसन – ½ कप
गेहूं का आटा – 2 टेबलस्पून
श्रीस्वादिका हल्दी पाउडर – ½ टीस्पून
श्रीस्वादिका लाल मिर्च पाउडर – ½ टीस्पून
श्रीस्वादिका हींग – एक चुटकी
मसाला पेस्ट के लिए:
ताज़ा नारियल – ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
हरा धनिया – ½ कप
हरी मिर्च – 2
अदरक – 1 इंच
श्रीस्वादिका धनिया पाउडर – 2 टीस्पून
श्रीस्वादिका जीरा पाउडर – 1 टीस्पून
श्रीस्वादिका हल्दी पाउडर – ½ टीस्पून
श्रीस्वादिका कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर – 1 टीस्पून
नमक – स्वादानुसार
नींबू का रस – 1 टेबलस्पून
चीनी या गुड़ – 1 टीस्पून
उंधियू बनाने की विधि-
मुठिया तैयार करें:
सभी सामग्री मिलाकर नरम आटा गूंथ लें और छोटे मुठिये बनाकर हल्का तल लें।
मसाला पेस्ट बनाएँ:
नारियल, हरा धनिया, अदरक, मिर्च और सभी श्रीस्वादिका मसाले डालकर दरदरा पेस्ट तैयार करें।
सब्ज़ियाँ भरें:
बैंगन और आलू में चीरा लगाकर उसमें यह मसाला भर दें।
पकाने की प्रक्रिया:
भारी तले की कढ़ाही में तेल गरम करें, हींग और अजवाइन डालें। फिर सब्ज़ियाँ, पापड़ी, तुवर और मुठिये डालें। ऊपर से बचा हुआ मसाला डालकर ढककर धीमी आँच पर पकाएँ।
बीच-बीच में हल्का सा हिलाते हुए 25–30 मिनट तक पकाएँ ताकि सभी सब्ज़ियाँ अच्छे से गल जाएँ और मसालों का स्वाद अंदर तक समा जाए।
श्रीस्वादिका मसालों का महत्व-
उंधियू जैसे पारंपरिक व्यंजन में मसालों की गुणवत्ता सबसे अहम होती है।
‘श्रीस्वादिका’ के मसाले:
शुद्ध और मिलावट रहित
प्राकृतिक रंग और खुशबू से भरपूर
हर सब्ज़ी के स्वाद को निखारने वाले
चाहे हींग की हल्की सुगंध, कश्मीरी लाल मिर्च का रंग, या धनिया-जीरा का संतुलित स्वाद – श्रीस्वादिका मसाले उंधियू को असली गुजराती पहचान देते हैं।
परोसने का तरीका-
गरमागरम उंधियू को पूरी या रोटी के साथ परोसें। ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालें और सर्दियों के इस खास व्यंजन का आनंद लें।
निष्कर्ष-
उंधियू सिर्फ एक सब्ज़ी नहीं, बल्कि गुजराती संस्कृति और सर्दियों की खुशबू है। जब इसे पारंपरिक विधि और श्रीस्वादिका के भरोसेमंद मसालों के साथ बनाया जाता है, तो यह हर थाली को खास बना देता है। अगर आप इस सर्दी कुछ पारंपरिक, पौष्टिक और स्वाद से भरपूर बनाना चाहते हैं, तो श्रीस्वादिका मसालों के साथ उंधियू ज़रूर ट्राय करें।
लेख पढने के लिए धन्यवाद।
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